Founder of Timely India & Navjagran — building high-trust media in India
Home Writing कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों को मिलती थे हर महीने पैसे हर महीने होती थी करोड़ की कमाई लिए जाने कैसे.

कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों को मिलती थे हर महीने पैसे हर महीने होती थी करोड़ की कमाई लिए जाने कैसे.

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक कंप्यूटर कोचिंग केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों कहो पैसे देता था नहीं हर महीने होती थी कमाई करोड़ में थी पुलिस ने छापा मारा तो पुलिस भी हैरान रह गई पुलिस ने बताया कि कोचइंग सेंटर में छात्रों का बैंक अकाउंट खुलवाया जता था और उसमें से लाखों की ट्रांसएक्शन […]

Coaching classes ka kala sach

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक कंप्यूटर कोचिंग केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों कहो पैसे देता था नहीं हर महीने होती थी कमाई करोड़ में थी पुलिस ने छापा मारा तो पुलिस भी हैरान रह गई पुलिस ने बताया कि कोचइंग सेंटर में छात्रों का बैंक अकाउंट खुलवाया जता था और उसमें से लाखों की ट्रांसएक्शन होती थी छात्रों को उनके क्लाइंट का कुछ ऐसा मिलता था मामले में पुलिस ने गौर किया तो सामने आया कि अकाउंट में अरबों रुपये की ट्रांजैक्शन हुई है.

Coaching classes ka kala sach
Coaching classes ka kala sach

मुजफ्फरपुर के पुलिस के नाम कुछ दिन मैं लगातार साइबर ठगी का मामले सामने आया है साइबर अपराधी पुलिस के नाम पर लोगों को फोन कर कर बेटे या अन्य परिवार के लोगों की गिरफ्तारी और सजा देने की बात कहते थे उनके परिवार को डरावना मुख कर उनसे पैसे मांगते थे ऐसे कई दर्जनों मामले सामने आए इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई जब इस मामले में तहकीकात शुरू हुई ओ अब अलग-अलग जिलों से 6 लोगों करो गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार जो हुए लोगों ने कई ऐसे खुलासे से किया.

HHP मुकेश कुमार ने बताया कि साहबजंग के आरोपी द्वारा कोचिंग चलाया जा रहा था जहां पर पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का नाम से बैंक अकाउंट खुलवाए जाते थे के बिहार पर सभी को बराबर पैसे मिलते थे साइबर फ्रॉड के मास्टरमाइंड अरशद आलम काम मोतीहार, वही अंकित, और दीपक को दरभंगा जितेंद्र को मुजफ्फरपुर के साहबजंग इलाके से गिरफ्तार किया गया इसमें महज 1 महीने में करोड़ों रुपए की ट्रांजैक्शन हुई.

SSP मुकेश कुमार ने बताया कि 15 लख रुपए की राशि को फ्रिज करवाया जिसमें इन गुनहगारों द्वारा साइबर ठगी में हासिल हुई सभी अपराधी काफी समय से यह साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे बताया जा रहा है कि तीन दूसरे देशों से भी आरोपियों के संपर्क थे इंटरनेट की मदद से यह इंटरनेशनल कॉल भी करते थे.

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now