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What are tear gas shells: क्या होते है आंसू गैस के गोले, जो भीड़ को तितर-बितर कर देते है, बचने के लिए आप क्या कर सकते है

What are tear gas shells: अगर देखा जाए तो एक बार फिर से किसान आंदोलन शुरू हो चूका हैं. देश के काफी राज्य से किसान दिल्ली की तरफ जा रहे हैं और दिल्ली में जाकर आंदोलन करना चाहते हैं. इससे पहले भी 2020 में किसान आंदोलन हुआ था. उस समय काफी सारे किसान दिल्ली तक […]

What are tear gas shells: अगर देखा जाए तो एक बार फिर से किसान आंदोलन शुरू हो चूका हैं. देश के काफी राज्य से किसान दिल्ली की तरफ जा रहे हैं और दिल्ली में जाकर आंदोलन करना चाहते हैं. इससे पहले भी 2020 में किसान आंदोलन हुआ था. उस समय काफी सारे किसान दिल्ली तक पहुँचने में कामयाब हुए थे.

जब 2020 में किसानो का दिल्ली में आंदोलन हुआ था. तब दिल्ली के काफी सारी मुख्य सीमा पर सील हुआ था. काफी लोगो किसान आंदोलन की वजह से परेशानी का सामना भी करना पड़ा था.

अब एक बार फिर से किसान आंदोलन शुरू हो चूका हैं और देश के विभिन्न राज्यों से किसान दिल्ली की तरफ जा रहे हैं. ऐसे में पुलिस फ़ोर्स किसानो को रोकने के लिए आंसू गोले का इस्तेमाल कर रही हैं.

लेकिन क्या आप जानते है की यह आंसू गैस के गोले क्या होते है? आंसू गैस गोले हमारे शरीर के लिए कितने नुकसानदायी है और कैसे बनते हैं? इसके अलावा आंसू गैस गोले से बचने का क्या उपाय हो सकता हैं.

आप लोगो में से भी काफी लोगो ने कभी ना कभी आंसू गैस के गोलों का सामना किया होगा. आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से आंसू गैस गोलों के बारे में जरूरी जानकारी देने वाले हैं. इसलिए आज की हमारी इस पोस्ट में अंत तक जुड़े रहिये.

क्या होते है आंसू गैस के गोले

दरअसल आंसू गैस के गोले एक विभिन्न प्रकार के बम ही होते हैं. जो विभिन्न प्रकार के केमिकल से बनाये जाते हैं. जैसे ही लोगो पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं. उसमे से धुंवा रिलीज होने लगता हैं. यह धुंवा कुछ मीटर के अंतर तक फ़ैल जाता हैं.

जो लोग इस धुंवे की चपेट में आते हैं. उन लोगो के आँखों में आंसू आने लगते है और आँखों में जलन होने लगती हैं.

आंसू गैस के गोलों का धुंवा कई बार तो फेफड़े तक पहुँच जाता हैं और इस वजह से खांसी होने लगती हैं. इसके कारण उल्टी और मिचली कीसमस्या भी देखने को मिलती हैं. आंसू गैस के गोले छोड़कर लोगो की भीड़ को कम किया जा सकता हैं.

कैसे बनते है आंसू गैस के गोले

आंसू गैस के गोले विभिन्न प्रकार केमिकल के मिश्रण से बनाये जाते हैं. जिसे लेक्रीमेटर के नाम से भी जाना जाता हैं. आंसू गैस के गोले दो ऐसे केमिकल  से बनाये जाते हैं. जो काफी ज्वलनशील होते हैं. Chloroacetophenone (CN) और Chlorobenzylidenemalononitrile (CS) नामक केमिकल से आंसू गैस के गोले बनाये जाते हैं.

इसके अलावा आंसू गैस के गोले बनाने के लिए क्लोरोपिक्रिन (पीएस), Bromobenzylcyanide (सीए) और Dibenzoxazepine (सीआर) नामक केमिकल से भी बनते हैं. यह सभी केमिकल ज्यादा खतरनाक तो नही है. लेकिन इसके चपेट में आने के बाद व्यक्ति को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं.

कौन और किसके आदेश से होता है इस्तेमाल

वैसे आंसू गैसे के गोले छोड़ने का अधिकार हर किसी को नही होता हैं. सिर्फ पुलिस फ़ोर्स में कांस्टेबल लेवल पर मौजूद अधिकारी ही आंसू गैस के गोले छोड़ सकते हैं.

अगर बात की जाए इसके निर्माण के बारे में तो हर कोई आंसू गैस के गोलों का निर्माण नही कर सकते हैं. सरकार कुछ चुनिंदा लोगो को ही इसके निर्माण का परमिशन देती हैं.

अगर भीड़ अधिक जमा हो गई है तो हर कोई आंसू गैस के गोले छोड़ नही सकता है. जब सब इंस्पेक्टर कांस्टेबल लेवल के पुलिस को आदेश देते हैं. तब वह आंसू गैस के गोले छोड़ सकते हैं.

लेकिन कुछ मामलो में कोई अधिकारी तय नही किया गया हैं. वहां मौजूद अधिकारी हालात और परिस्थति को देखते हुए आंसू गैस के गोलों को छोड़ सकते हैं.

क्या आंसू गोले छोड़ने का मापदंड

जब पुलिस को लगता है की कानून व्यवस्था बिगड़ रही हैं. तब पुलिस सबसे पहले भीड़ को चेतावनी देती हैं. लेकिन भीड़ तब भी नही हटती हैं. तब आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं. ऐसा माना जाता है की जो दमा और अस्थमा की बीमारी का मरीज हैं. ऐसे लोगो पर इसका गहरा असर पड़ सकता हैं.

आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कैसे होता है

आंसू गैसे के गोलों को दो तरीके से छोड़ जाता हैं. पहला तरीका हथगोले से यानी की भीड़ काफी नजदीक है तो हाथ से ही आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं. इस तरीके से 50 से 100 मीटर की दुरी तय हो सकती हैं.

लेकिन दूसरा तरीका टियर स्मोक ग्रेनेड हैं. इसमें गन से फायर किया जाता हैं. इससे आंसू गैस का गोला 200 से 500 मीटर तक की दुरी तय कर सकता हैं. भीड़ को दूर से ही रोकने के लिए इस तरीके का यूज होता है.

कैसे कर सकते है बचाव

जैसे ही आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं. इसका धुंवा आँखों पर असर करता हैं. इसके अलावा खांसी की समस्या भी देखने को मिलती हैं. ऐसे में जब भी आंसू गैस के गोले छोड़े जाए तब आपको धुंवे से दूर हो जाना चाहिए. साथ साथ अपने मुंह पर गीला कपड़ा लगा ले. ताकि धुंवा आपके मुंह तक पहुँच ना सके.

आँखों को धुंवे से बचाने के लिए आँखों पर आप चश्मा पहन सकते हैं. अगर आपको आसपास पानी मिल जाता हैं. तो आपको पानी से मुंह को धोना चाहिए. आपको हल्के हाथो से आँखों पर पानी छिडकना चाहिए. इस तरीके से आपका आंसू गैस के गोले से बचाव हो सकता हैं.