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5 Unlucky Cricketers: किसी की किस्मत ना हो ऐसी! 5 क्रिकेटर जो इंटरनेशनल क्रिकेट में छाने के बाद गुमनामी में चले गए!

आकाश दीप, मुकेश कुमार, सरफराज खान और ध्रुव पटेल ने शानदार डेब्यू किया है। हालांकि, उन्हें यह पता है कि टीम इंडिया का टिकट जितनी मुश्किल से मिलता है उससे कहीं अधिक मुश्किल टीम में बने रहना है। उम्मीद करेंगे कि ये खिलाड़ी लंबी पारी खेलें, लेकिन उन्हीं की तरह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक […]

5 Unlucky Cricketers: किसी की किस्मत ना हो ऐसी! 5 क्रिकेटर जो इंटरनेशनल क्रिकेट में छाने के बाद गुमनामी में चले गए!

आकाश दीप, मुकेश कुमार, सरफराज खान और ध्रुव पटेल ने शानदार डेब्यू किया है। हालांकि, उन्हें यह पता है कि टीम इंडिया का टिकट जितनी मुश्किल से मिलता है उससे कहीं अधिक मुश्किल टीम में बने रहना है। उम्मीद करेंगे कि ये खिलाड़ी लंबी पारी खेलें, लेकिन उन्हीं की तरह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी आए। उन्होंने परफॉर्म भी किया, लेकिन अपनी जगह बचा नहीं पाए और कुछ ही समय बाद गुमनामी में चले गए। आइए जानते हैं कुछ खास प्लेयर्स के बारे में…

टी नटराजन

बाएं हाथ के पेसर टी नटराजन संघर्षों के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचे थे। उनकी मां सड़क पर मछली बेचती थीं। आईपीएल में धांसू धमाल के बाद टी. नटराजन को ऑस्ट्रेलिया दौरे-2021 पर टेस्ट टीम में चुना गया। उन्होंने 3 विकेट झटकते हुए ऐतिहासिक गाबा की जीत में अहम योगदान भी दिया था, लेकिन यह उनका पहला और आखिरी टेस्ट साबित हुआ। इसके अलावा 2 वनडे में 3 और 4 टी-20 इंटरनेशनल में 7 विकेट झटके। 2021 के बाद से वह इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं।

अजय रात्रा

जब अजय रात्रा ने 2002 में एंटिगा में नाबाद 115 रन बनाए, तो वह टेस्ट शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के विकेटकीपर और विदेश में शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय विकेटकीपर बन गए। वह केवल 20 वर्ष के थे और यह उनका केवल तीसरा टेस्ट था, लेकिन वह परफॉर्मेंस बरकरार नहीं रख पाए और पार्थिव पटेल ने उन्हें रिप्लेस किया। दूसरी ओर, राहुल द्रविड़ को वनडे में कीपर की जिम्मेदारी मिली तो वह सीन से बाहर हो गए। जबरदस्त फुर्ती वाले इस विकेटकीपर का करियर इस वजह से भी छोटा रहा, क्योंकि बाद में धोनी आए और छा गए।

शिव सुंदर दास

शिव सुंदर दास भारतीय क्रिकेट कोच और पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान वरिष्ठ पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता हैं। वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ओडिशा के तीसरे खिलाड़ी हैं। वह दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड जबरदस्त था। उनके नाम 10908 रन हैं, लेकिन वह भारत के लिए 23 टेस्ट में 1326 रन और 4 वनडे में 39 रन तक ही सिमट गए।

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फैज फजल

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे होनहार क्रिकेटरों में शामिल फैज फजल ने अपने डेब्यू वनडे में 55 रन की पारी खेली। 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेला गया यह मैच उनके इंटरनेशनल करियर का पहला और आखिरी मैच साबित हुआ। वह रणजी ट्रॉफी में विदर्भ को चैंपियन भी बना चुके हैं, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट की सीन से गायब ही हो गए।

विनोद कांबली

सचिन के साथ स्कूल क्रिकेट में रिकॉर्ड साझेदारी करने वाले विनोद कांबली ने जबरदस्त अंदाज में इंटरनेशनल क्रिकेट में एंट्री मारी। सिर्फ 17 टेस्ट में 4 शतक और 3 अर्धशतक सहित 1084 रन बनाए, जबकि 104 वनडे में 2 शतक और 14 अर्धशतक के दम पर 2477 रन ठोके। हालांकि, इसके बाद जब वह टीम से बाहर हुए तो गुमनामी में चले गए। इस दौरान वह कई विवादों में रहे तो सचिन पर भी सपोर्ट नहीं करने का आरोप लगाया। बाद में सचिन से माफी मांगी और फिर मास्टर के सपोर्ट कोचिंग की भूमिका में नजर आते हैं।