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राम मंदिर के बाद मिला बुलेट ट्रेन का काम, इस कंपनी पर खुश हुए ‘श्रीराम’

2017 में घोषित इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश का पहला हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेनें दौड़ेंगी. 2017 में, प्रोजेक्ट को शुरू करने वाली नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2022 की समय सीमा दी थी, हालांकि, बाद में समय सीमा बढ़ा दी गई थी.

राम मंदिर के बाद मिला बुलेट ट्रेन का काम, इस कंपनी पर खुश हुए ‘श्रीराम’

पूरा देश राममय हो चुका है. 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. जिसका काउंटडाउन शुरू हो गया है. राम मंदिर निर्माण में देश की जानी मानी कंपनी लार्सन टुब्रो जुटी हुई है. अब जो कंपनी को लेकर खबर आई है, उससे लग रहा है कि भगवान राम कृपा कंपनी पर बरसनी शुरू हो गई है. कंपनी को मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम मिल गया है. लार्सन एंड टुब्रो यानी एलएंडटी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि उसकी कंसट्रक्शन आर्म को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 508 रूट किलोमीटर हाई-स्पीड इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम के निर्माण के लिए ‘मेगा ऑर्डर’ मिला है.

कंपनी ने कहा कि यह ऑर्डर एक रिकॉगनाइज्ड जापानी एजेंसी की ओर से मिला है. कंपनी ने बीएसई को एक फाइलिंग में कहा कि एलएंडटी कंस्ट्रक्शन के रेलवे स्ट्रैटिजिक बिजनेस ग्रुप ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) प्रोजेक्ट के लिए 508 रूट किमी हाई-स्पीड इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम के निर्माण के लिए ‘मेगा ऑर्डर’ हासिल किया है. इस इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम से ट्रेनों को 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से ट्रैवल करने में मदद मिलेगी.

कितना बड़ा है ऑर्डर

कंपनी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) द्वारा फाइनेंस किया जा रहा है और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से काम करने वाली ऑथराइज्ड जापानी एजेंसी द्वारा इंप्लीमेंट किया जा रहा है. एलएंडटी ने कांट्रैक्ट के सटीक वैल्यू का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह किसी ऑर्डर को ‘मेगा’ के रूप में गिना जाता है जब इसका मूल्य 10,000-15,000 रुपए करोड़ के बीच होता है. इससे पहले 11 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रगति काफी संतोषजनक है. हालांकि, पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर मंत्री ने प्रोजेक्ट के पूरा होने की कोई टाइम लिमिट बताने से इनकार कर दिया.

ये है पूरा प्रोजेक्ट

मुंबई और अहमदाबाद के बीच यह प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है. जिसमें 272 किलोमीटर की लंबाई पर वायाडक्ट बनाया गया है. वैष्णव ने कहा, रूट पर आठ नदियां हैं और उनमें से पांच पर पुल बनाए गए हैं. मंत्री ने दोहराया कि सूरत और बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर लंबे सेगमेंट को पूरा करने की टाइम लिमिट 2026 है और काम तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है. वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मुंबई, ठाणे, वापी, सूरत, वडोदरा, आनंद और अहमदाबाद जैसे बड़े इकोनॉमिक सेंटर्स को इंटीग्रेड करेगा. जोकि देश की इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए बेहतर होगा.

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2017 में घोषित इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई और अहमदाबाद के बीच देश का पहला हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेनें दौड़ेंगी. 2017 में, प्रोजेक्ट को शुरू करने वाली नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2022 की समय सीमा दी थी, हालांकि, बाद में समय सीमा बढ़ा दी गई थी.

कंपनी के शेयरों में इजाफा

इस खबर के बाद से लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में इजाफा देखने को मिल रहा है. कंपनी का शेयर 12 बजकर 53 मिनट पर करीब एक फीसदी के इजाफे के साथ 3571.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 3588 रुपए पर भी पहुंचा. कंपनी का शेयर 15 जनवरी को कारोबारी सत्र के दौरान 3,605.55 रुपए के साथ 52 हफ्तों के हाई पर पहुंच गया था. मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप 4.91 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है.