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Inspiring Story: मां के सपनों के लिए अफसर बनी बिहार की बेटी, 5 दिन में पाई पांच सरकारी नौकरी

यह कहानी है बिहार के जमुई जिला मुख्यालय के रहने वाले मुन्ना कुमार सिंह और पिंकी सिंह की बेटी टीनू सिंह की, जिसने एक या दो नहीं बल्कि पांच अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में एक साथ सफलता हासिल की है. मां का सपना था कि वह बीपीएससी की पढ़ाई पूरी कर सरकारी अफसर बने, लेकिन बच्चों […]

Inspiring Story: मां के सपनों के लिए अफसर बनी बिहार की बेटी, 5 दिन में पाई पांच सरकारी नौकरी

यह कहानी है बिहार के जमुई जिला मुख्यालय के रहने वाले मुन्ना कुमार सिंह और पिंकी सिंह की बेटी टीनू सिंह की, जिसने एक या दो नहीं बल्कि पांच अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में एक साथ सफलता हासिल की है. मां का सपना था कि वह बीपीएससी की पढ़ाई पूरी कर सरकारी अफसर बने, लेकिन बच्चों की परवरिश के आगे मां ने अपने सपने को तिलांजलि दे दी. बच्चों के पालन पोषण के लिए उन्होंने घर पर ही रहने की जिम्मेदारी उठाई और अपना सपना छोड़ दिया. लेकिन अब उस मां की बेटी ने अपने मां के सपनों को पूरा करने की जिद में कुछ ऐसा कर दिया है कि उसकी चारों तरफ सराहना होने लगी है.

एक बेटी ने अपने मां के सपनों को पूरा करने के लिए एक या दो नहीं बल्कि एक साथ पांच प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर ली. वह बिहार सरकार की अफसर बिटिया बन गई. टीनू सिंह के पिता मुन्ना कुमार सिंह सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर है, जबकि मां पिंकी सिंह गृहिणी हैं.

मां पिंकी सिंह अंग्रेजी में मास्टर की डिग्री और बीएड की डिग्री प्राप्त कर चुकी है. टीनू ने बताया कि उनकी मां बीपीएससी की अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.लेकिन टीनू ने दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह में पांच उपलब्धियां हासिल की.

  1. 22 दिसंबर को उसका चयन कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर किया गया था.
  2. -23 दिसंबर को बिहार एसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल की परीक्षा में सफल होकर टीनू ने सहायक प्रशाखा पदाधिकारी का पद हासिल किया.
  3. -बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा के 6 से 8 संवर्ग में टीनू ने सफलता हासिल की.
  4. -बीपीएससी के द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यमिक विद्यालय 9 से 10 संवर्ग तथा
  5. -उच्च माध्यमिक 11 से 12 संवर्ग के लिए भी टीनू ने सफलता हासिल की.

कभी भी सोशल मीडिया पर नहीं गई

टीनू ने अपने कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता भाई और अपने मामा को दिया है. टीनू ने बताया कि जहां आज के समय में ज्यादातर युवा सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहते हैं, पर वह कभी भी सोशल मीडिया पर नहीं गई है. किसी भी सोशल मीडिया पर उसका कोई अकाउंट नहीं है और उसने सोशल मीडिया को हाथ नहीं लगाया है.

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भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बनना चाहती हैं

उसने बताया कि मैंने किताबों से दोस्ती कर ली. इंसान का सबसे बेहतरीन दोस्त किताब होते हैं और लगातार पढ़ाई करने के बाद उसने सफलता हासिल की है. टीनू के माता-पिता ने कहा कि उन्हें हमेशा से लगता था कि उनकी बेटी कुछ ना कुछ जरूर करेगी. हालांकि टीनू का सपना अभी भी पूरा नहीं हुआ है, वह आगे यूपीएससी की पढ़ाई कर भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बनना चाहती हैं. टीनू की सफलता पर परिवार सहित आस पड़ोस में हर्ष का माहौल है.