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मांझी को चाहिए मुखमंत्री की कुर्सी: ‘बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है’, सियासी घमासान के बीच HAM ने रखी ये मांग

बिहार में बदलते सियासी घमासान के बीच जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपनी ये मांग रखी है. HAM के नेता श्याम सुंदर ने कहा कि हमारी पार्टी जिस प्रकार से गरीबों की बात करती है और गरीबों के बीच में काम करती है वैसी परिस्थिति में हमें लगता है कि हमारी […]

मांझी को चाहिए मुखमंत्री की कुर्सी: ‘बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है’, सियासी घमासान के बीच HAM ने रखी ये मांग

बिहार में बदलते सियासी घमासान के बीच जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपनी ये मांग रखी है. HAM के नेता श्याम सुंदर ने कहा कि हमारी पार्टी जिस प्रकार से गरीबों की बात करती है और गरीबों के बीच में काम करती है वैसी परिस्थिति में हमें लगता है कि हमारी पार्टी को कम से कम दो मंत्री तो चाहिए. अगर पार्टी के पास मंत्री रहेंगे तो हम जनता को बेहतर सेवा दे सकेंगे.

श्याम सुंदर ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं की जो एक आकांक्षा है उसकी पूर्ति होनी चाहिए. हमारे नेता प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं लेकिन हमारी इच्छा है कि पार्टी को कम से कम दो मंत्री मिले. बता दें कि बिहार में सियासी उथल पुथल के बीच जीतन राम मांझी के आवास के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में लिखा है, ‘बिहार में बहार है, बिना मांझी सब बेकार है.”

जहां प्रधानमंत्री मोदी वहां HAM

बता दें कि बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के आवास पर पार्टी की बैठक के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जैसे हमलोग एनडीए में थे और एनडीए में हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA गठबंधन का जो फैसला होगा, उसके साथ हम मजबूती से खड़े रहेंगे. बिहार में चल रहे सियासी घमासान में जीतन राम मांझी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

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मांझी की पार्टी के पास 4 विधायक

बता दें कि जीतन राम मांझी की पार्टी के पास चार विधायक हैं. अगर ये विधायक आरजेडी के पाले में चले जाते है, तो महागठबंधन 118 सीटों का आकंड़ा छू लेगा. इसमें आरजेडी के 79, कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक भी शामिल हैं.

वहीं अगर ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक और एक निर्दलीय विधायक भी लालू-राहुल के साथ आ जाते हैं तो ये आंकड़ा 120 तक पहुंच जाएगा. हालांकि सरकार बनाने के लिए दो और विधायकों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा 122 है.