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आपके सफर को और आमदायक और मजेदार बनाएंगी रेलवे की नई ट्रेनें, पीएम इस दिन करेंगे उद्घाटन; देखिए रिपोर्ट

देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही नए रंग रूप में दिखाई देगी। भारतीय रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने 50 वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को नई कलर थीम के साथ तैयार किया है। इस ट्रेन के नए रेक केसरिया रंग में दिखाई देंगे। वहीं आईसीएफ ने अमृत भारत […]

आपके सफर को और आमदायक और मजेदार बनाएंगी रेलवे की नई ट्रेनें, पीएम इस दिन करेंगे उद्घाटन; देखिए रिपोर्ट

देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही नए रंग रूप में दिखाई देगी। भारतीय रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने 50 वीं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को नई कलर थीम के साथ तैयार किया है। इस ट्रेन के नए रेक केसरिया रंग में दिखाई देंगे। वहीं आईसीएफ ने अमृत भारत एक्सप्रेस के दो नए रेक तैयार किए हैं। इस ट्रेन में वंदे भारत एक्सप्रेस के कई फीचर्स होंगे पर ये ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस से काफी अलग होगी। 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 वंदे भारत एक्सप्रेस और दो अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे।

उद्घाटन के पहले रेलवे की संसदीय समिति ने शुक्रवार को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री पहुंच कर इन ट्रेनों का जायजा लिया। संसदीय समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह सहित अन्य सांसदों ने इन ट्रेनों की खूबियों और सुविधाओं के बारे में जाना। इस मौके पर आईसीएफ के जीएम बीजी माल्या ने सांसदों को आईसीएफ में हो रहे काम की जानकारी दी। सांसदों ने वहां कर्मचारियों से भी मुलाकात की।

आईसीएफ में बन रही सभी वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को मेक इन इंडिया और आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत ही बनाया गया है। इन ट्रेनों में लगने वाले ज्यादातर कलपुर्जे भारत में ही बने हैं। सांसदों के दल ने ट्रेनों का अंदर और बाहर से पूरी तरह से जायजा लिया। अमृत भारत एक्सप्रेस में वंदे भारत ट्रेन जैसी कई सुविधाएं हैं। लेकिन ये ट्रेन वंदे भारत की तुलना में काफी अलग है। ये एक सामान्य इलेक्ट्रिक ट्रेन है। लेकिन इसमें दो इंजन लगाए गए हैं। इस ट्रेन को पुश-पुल तकनीक के आधार पर चलाया जाएगा।

इस ट्रेन को जहां एक इंजन खींचेगा वहीं दूसरा इंजन पीछे से धक्का लगाएगा। इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वहीं इस ट्रेन में शताब्दी की तरह एचएलबी कोच लगाए गए हैं। इस ट्रेन में भी वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह ही एरोडाइनमिक डिजाइन है। सामान्य तौर पर एलएचबी डिब्बों में ब्रेक लगने पर झटका लगने की शिकायत रहती है। लेकिन इन ट्रेन में खास तरह की व्यवस्था की गई है जिससे यात्रियों को झटका नहीं लगेगा। इस ट्रेन के गार्ड रूम में मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके जरिए ट्रेन में सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

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अमृत भारत ट्रेन में हैं कई सुविधाएं

अमृत भारत ट्रेन को बाहर से सुंदर बनाने के साथ ही अंदर से भी आरामदायक बनाने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं। इस ट्रेन में फोल्डेबल स्नैक टेबल दी गई है। आज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मोबाइल चार्जर और फोल्डेबल बोतल होल्डर दिया गया है। इस ट्रेन में डिजाइर सीटों और बर्थ बनाई गई हैं। सामान रखने के लिए रैक बनाए गए हैं। एरोसोल आधारित फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है। ट्रेन में बड़े बड़े शीशे लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान जानकारी देने के लिए ट्रेन में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम दिया गया है। ट्रेन में खूबसूरत लाइटें भी लगाई गई हैं।

वन्दे भारत ट्रेन में हैं कई खूबियां ये भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। ये ट्रेन पूरी तरह से भारत में बनाई गई है। ये ट्रने पूरी तरह से बिजली से चलती है। इस ट्रने में इंजन की बजाए बिजली के मोटर लगाए गए हैं। ट्रेन 100 किलोमीटर की स्पीड बस 52 सेंकड में पकड़ लेती है। ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगे हैं। मेट्रो के जैसे ही ये दरवाजे ही ऑटोमेटिक खुलते हैं। इस ट्रेन में 4 डिब्बों का एक सेट होता है। एक डिब्बें में खराबी हाने पर पूरा सेट बदलना होता है। इसमें जो स्टिंग चेयर्स है वो 360 डिग्री घूम जाती हैं। इस ट्रेन में कैटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ट्रेन को पूरी तरह से ऑनबोर्ड वाईफाई की सुविधा से लैस बनाया है। हर सीट के नीचे मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट्स दिए गए हैं। वन्दे भारत ट्रेन में जीपीएस प्रणाली लगी है। इसके जरिए आने वाले स्टेशन की सूचना और अन्य जानकारी मिलती है।

इस ट्रेन में हवाई जहाज की तरह ही वैम्यूम टॉयलेट बनाए गए हैं। ट्रेन से बाहर का नजारा अच्छे से दिखाई दे इसीलिए बड़े से ग्लास लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर डिब्बे में सीसीटीवी लगाए गए हैं। ये ट्रेन पूरी तरह से दरवाजे बंद होने के बाद ही चलती है। वहीं ट्रेन पूरी तरह से रुकने के बाद ही दरवाजे खुलते हैं। इस ट्रेन को दोनों दिशाओं में चलाया जा सकता है। ट्रेन के कुछ डिब्बों में व्हीलचेयर रखने के लिए अलग से स्थान बनाया गया है।

https://subhashyadav.org/caller-id-in-telecom-bill/

Last updated on January 1, 2024. This article represents the author's views.