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रामलला के मूर्ति की आंखों पर पट्टी क्यों बंधी है? क्या प्राण प्रतिष्ठा के बाद हटेगा परदा, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में भगवान की मूर्ति को उनके आसन पर स्थापित कर दिया गया है। हालांकि, भगवान की मूरत की आंखों को अभी ढका गया है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही उनके चेहरे से यह परदा हटाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा करेंगे, […]

रामलला के मूर्ति की आंखों पर पट्टी क्यों बंधी है? क्या प्राण प्रतिष्ठा के बाद हटेगा परदा, जानिए वजह

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में भगवान की मूर्ति को उनके आसन पर स्थापित कर दिया गया है। हालांकि, भगवान की मूरत की आंखों को अभी ढका गया है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही उनके चेहरे से यह परदा हटाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा करेंगे, जिसके लिए अयोध्या में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। प्राण प्रतिष्ठा से पहले भगवान की मूर्तियों में चेहरे पर परदा रखने की प्राचीन धार्मिक परंपरा है और धर्म के विद्वान इसके कई कारण बताते हैं।

क्या है मुंह ढंकने का कारण

मंदिरों में भगवान की मूरत की स्थापना के कई अनुष्ठान होते हैं। भगवान की प्रतिमा की स्थापना के बाद उसमें उनकी प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। जब तक प्राण प्रतिष्ठा न हो जाए, तब तक मूरत का चेहरा परदे से ढंक दिया जाता है। इसके कई धार्मिक कारण होते हैं। दरअसल, आंखों को भावनाओं के संचरण का मार्ग माना जाता है। कहा जाता है कि हृदय का संवाद आंखों के जरिए ही होता है। ऐसे में एक मान्यता है कि प्राण प्रतिष्ठा से पहले अगर भक्ति-भाव से भरा हुआ कोई भक्त भगवान की आंख में देर तक देख ले तो वह प्रेम के वशीभूत होकर उसके साथ ही चले जाते हैं।

इस वजह से प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही भगवान की आंखों को देखने की अनुमति मिलती है। तब तक उनकी आंखों को ढंककर रखा जाता है। एक अन्य कारण में शास्त्र बताते हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के समय शक्ति स्वरूप प्रकाश पुंज भगवान की मूरत में प्रवेश करती है। यह तेजस्वी शक्ति आंखों के माध्यम से ही बाहर निकलती है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद जब भगवान के नेत्र खोले जाते हैं तो उनकी आंखों से असीम शक्ति वाला यह तेज बाहर निकलता है। यही कारण है कि इस समय प्रभु को दर्पण दिखाया जाता है।