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6,6,6,6,6,6…. 39 साल पहले आज ही के दिन रवि शास्त्री ने बनाया था ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड, जो 33 साल तक रहा कायम

Ravi Shastri smashed the fastest first-class double-century: जिस साल रवि शास्त्री ‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस’ बनकर विश्व क्रिकेट में छा गए थे, उसी साल की शुरुआत में उन्होंने एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था जो 33 साल तक कायम रहा. भारतीय टीम के उपयोगी ऑलराउंडर रहे रवि शास्त्री ने 39 साल पहले आज ही के दिन […]

6,6,6,6,6,6…. 39 साल पहले आज ही के दिन रवि शास्त्री ने बनाया था ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड, जो 33 साल तक रहा कायम

Ravi Shastri smashed the fastest first-class double-century: जिस साल रवि शास्त्री ‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस’ बनकर विश्व क्रिकेट में छा गए थे, उसी साल की शुरुआत में उन्होंने एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था जो 33 साल तक कायम रहा. भारतीय टीम के उपयोगी ऑलराउंडर रहे रवि शास्त्री ने 39 साल पहले आज ही के दिन (10 जनवरी, 1985) प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक जमाकर विश्व कीर्तिमान रचा था.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शास्त्री ने किया था कमाल

दरअसल, शास्त्री के नाम एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड जुड़ा, जो 33 साल तक बरकरार रहा. शास्त्री ने जनवरी 1985 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक (200*) अपने नाम किया था. उन्होंने महज 113 मिनट में दोहरा शतक पूरा कर यह कारनामा किया. अब यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के शफीकउल्लाह के नाम है, जिन्होंने 2017-18 में काबुल रीजन की ओर से खेलते हुए 103 मिनट में दोहरा शतक पूरा किया.

फर्स्ट क्लास क्रिकेटः सबसे तेज दोहरा शतक (मिनट में)

  • 1. शफीकउल्लाह (200*): 103 मिनट, काबुल रीजन विरुद्ध बूस्ट रीजन, 2018
  • 2. रवि शास्त्री (200*): 113 मिनट, बंबई विरुद्ध बड़ौदा, 1985
  • 3. गिलबर्ट जेसॉप (286): 120 मिनट, ग्लॉस्टरशायर विरुद्ध ससेक्स, 1903- क्लाइव लॉयड (201*): 120 मिनट, वेस्टइंडीज विरुद्ध ग्लेमॉर्गन, 1976
  • 4. गिलबर्ट जेसॉप (234): 130 मिनट, ग्लॉस्टरशायर विरुद्ध सॉमरसेट, 1905

उसी पारी के दौरान एक ओवर में 6 छक्के भी जड़े

रवि शास्त्री ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के जोनल मुकाबले में बड़ौदा के खिलाफ ताबड़तोड़ नाबाद 200 रनों की पारी खेली थी. सबसे बढ़कर शास्त्री ने इसी पारी के दौरान बड़ौदा के स्पिनर तिलक राज के एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे. उस वक्त यह करिश्मा करने वाले वह सर गैरी सोबर्स के बाद दूसरे बल्लेबाज थे.

उसी साल ‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस’ भी बने थे

भारतीय टीम ने उसी साल मार्च 1985 में बेसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैम्पियनशिप कप पर कब्जा किया था. रवि शास्त्री को बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘चैम्पियन ऑफ चैम्पियंस’ का खिताब दिया गया. उन्होंने उस ‘मिनी वर्ल्ड कप’ टूर्नामेंट के 5 मैचों में 45.50 की औसत से 182 रन बनाए और 20.75 की औसत से 8 विकेट भी चटकाए थे. इतना ही नहीं उन्हें इनाम में बहुचर्चित ऑडी भी मिली थी.

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महज 30 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ा

फैंस के दिलों पर राज करने वाले इस ‘बंबड्या’ क्रिकेटर ने महज 30 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. रवि शास्त्री ने 80 टेस्ट मैच में 11 शतक और 12 अर्धशतक की बदौलत 3830 रन बनाए. वहीं, उनके नाम पर 151 विकेट दर्ज हैं. वनडे में चार शतकों के साथ उन्होंने 3108 रन बनाए और 129 विकेट भी निकाले. प्रथम श्रेणी क्रिकेट (1979/80-1993/94) की बात करें, तो शास्त्री ने 245 मैचों में 44 की औसत के साथ 13202 रन बनाए, जिसमें उनके 34 शतक और 66 अर्धशतक शामिल रहे. साथ ही उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से 509 विकेट निकाले, पारी में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 9/101 रही.