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नवाज शरीफ की बेटी मरियम का गामा पहलवान से क्या है रिश्ता…

मरियम नवाज का नाम इन दिनों पाकिस्तान की राजनीति में खूब गूंज रहा है। वह संभावित रूप से पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं, जिसने उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मरियम के परिवार का एक सदस्य बीते दौर के एक महान पहलवान […]

नवाज शरीफ की बेटी मरियम का गामा पहलवान से क्या है रिश्ता…

मरियम नवाज का नाम इन दिनों पाकिस्तान की राजनीति में खूब गूंज रहा है। वह संभावित रूप से पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं, जिसने उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मरियम के परिवार का एक सदस्य बीते दौर के एक महान पहलवान से जुड़ा था.

वह महान पहलवान कोई और नहीं, बल्कि “द ग्रेट गामा” के नाम से विख्यात ग़ुलाम मुहम्मद बख़्श बट्ट थे। जी हां, मरियम नवाज और द ग्रेट गामा का रिश्ता परनाना-पोती का था।

परनाना-पोती का नाता

जी हां, मरियम नवाज और गामा पहलवान का रिश्ता परनाना-पोती का है। दरअसल, मरियम की मां, कुलसूम नवाज, गामा पहलवान की नातिन थीं।

गामा पहलवान, जिन्हें “रुस्तम-ए-हिंद” के नाम से भी जाना जाता है, 20वीं सदी के शुरुआती दौर में दुनिया के अजेय पहलवानों में से एक थे। उन्होंने अपने 50 साल के करियर में कई जीत हासिल की और उन्हें अपने समय के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों में गिना जाता है।

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पहली महिला मुख्यमंत्री बनने की राह पर

मरियम नवाज पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी की नेता हैं। वो 2024 में पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रही हैं। अगर वह सफल होती हैं, तो वो पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रच देंगी।

कुछ गलतफहमियां

गौरतलब है कि कुछ जगहों पर ये दावा किया जाता है कि मरियम नवाज, गामा पहलवान की पोती हैं। लेकिन ये दावा गलत है। मरियम की मां गामा पहलवान की बेटी नहीं, बल्कि उनकी नातिन थीं।

गामा का सफर:

गामा का जन्म 1878 में अमृतसर, भारत में हुआ था। कम उम्र से ही उन्होंने पहलवानी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया। अथक अभ्यास और अदम्य इच्छाशक्ति से लैस गामा ने अपने करियर में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। उन्होंने दुनियाभर के दिग्गज पहलवानों को चुनौती दी और उन्हें धूल चटा दी। उनकी अपराजित यात्रा ने उन्हें “रुस्तम-ए-हिंद” (भारत का सबसे बहादुर पहलवान) की उपाधि दिलाई।

परिवारिक बंधन:

मरियम नवाज की माँ, कुलसुम नवाज, गामा की नातिन थीं। यह रिश्ता मरियम को अपने परिवार के एक ऐसे सदस्य से जोड़ता है, जिसने न केवल कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की बल्कि खेल के क्षेत्र में भारत का नाम दुनियाभर में रोशन किया।

इतिहास गवाह, भविष्य की उम्मीद:

यह कहना गलत नहीं होगा कि मरियम के जीवन में द ग्रेट गामा एक प्रेरणा स्रोत रहे हैं। दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में इतिहास रचने की राह पर हैं। गामा ने अखाड़े में जीत हासिल की, वहीं मरियम राजनीति में सफलता का परचम लहराने को तैयार हैं।

मरियम नवाज और द ग्रेट गामा की कहानी हमें यह सीख देती है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय और जुनून किसी भी क्षेत्र में सफलता का द्वार खोल सकते हैं। यह कहानी एक परिवार के सदस्यों के बीच के बंधन को भी प्रदर्शित करती है, जो पीढ़ियों से विरासत में मिलता है और भविष्य को आकार देता है।