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Fack Check: मालदीव के सांसदों की लड़ाई का वीडियो मोहम्मद मुइज्जू की पिटाई का बताकर हो रहा वायरल

हमने पाया कि वीडियो में फ़र्श पर दिख रहे व्यक्ति मालदीव के सांसद अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम हैं, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू नहीं. दावा क्या है? सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कई लोगों को लड़ते हुए दिखाया गया है. वीडियो में, एक आदमी आक्रामक तरीके से दूसरे आदमी के बाल खींचता […]

Fack Check: मालदीव के सांसदों की लड़ाई का वीडियो मोहम्मद मुइज्जू की पिटाई का बताकर हो रहा वायरल

हमने पाया कि वीडियो में फ़र्श पर दिख रहे व्यक्ति मालदीव के सांसद अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम हैं, राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू नहीं.

दावा क्या है?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कई लोगों को लड़ते हुए दिखाया गया है. वीडियो में, एक आदमी आक्रामक तरीके से दूसरे आदमी के बाल खींचता और दूसरा आदमी फ़र्श पर गिरा दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के साथ दावा किया गया है कि यह मालदीव की संसद के अंदर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू पर हुए हमले को दिखाता है.

29 जनवरी, 2024 को यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया गया था, जिसके साथ कैप्शन दिया गया था: “आज, मालदीव के मोहम्मद मुइज़्ज़ू की संसद में पिटाई. भारत के बहिष्कार के कारण अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई है.”

ऐसी पोस्ट्स के आर्काइव वर्ज़न यहां, यहां और यहां देखे जा सकते हैं.

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यह घटना भारत और मालदीव के बीच राजनयिक विवाद पैदा होने के कुछ दिनों बाद सामने आई है, जो भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के दौरान मालदीव के मंत्रियों के विवादास्पद बयानों से शुरू हुआ था. इस विवाद ने भारत में एक सोशल मीडिया अभियान को जन्म दिया, जिसमें #BoycottMaldives जैसे हैशटैग के साथ लोगों से पर्यटन के लिए घरेलू स्थानों को बढ़ावा देने की बात कही गयी थी.

इस हाथापाई के वीडियो को राजनयिक विवाद से जोड़ा गया है. सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा है कि राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू पर हमला भारत में बहिष्कार के आह्वान के बाद मालदीव की अर्थव्यवस्था के ‘नाकाम’ होने को लेकर था. हालांकि, यह दावा ग़लत है.

सच्चाई क्या है?

जब हमने इस बारे में खोजबीन शुरू की तो हमें मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर संसद के भीतर किसी भी हमले के बारे में कोई विश्वसनीय न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली. मीडिया रिपोर्ट्स में केवल 28 जनवरी, 2024 को मालदीव की संसद के भीतर सांसदों के बीच टकराव का ज़िक्र है.

30 जनवरी, 2024 को द टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट में बताया गया कि विपक्ष, मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के मंत्रिमंडल में चार नए सदस्यों को शामिल करने का विरोध करने के बाद विवाद शुरू हुआ. यह असहमति सदस्यों के बीच हिंसक झड़प में बदल गई.

द टेलीग्राफ़ ने हाथापाई में शामिल लोगों की पहचान सांसद ईसा और अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम के रूप में की है. रिपोर्ट में आगे बताया गया कि ईसा को “शहीम की गर्दन पर लात मारते और उनके बाल खींचते” देखा गया, जबकि बाकी लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे.

हाथापाई का एक वीडियो 30 जनवरी, 2024 को टेलीग्राफ़ के यूट्यूब चैनल पर “मालदीव में संसदीय सत्र के दौरान हिंसक विवाद” शीर्षक के साथ अपलोड किया गया था. इसमें हम वायरल वीडियो के हिस्से को टाइमस्टैम्प 0:28 से 0:40 तक देख सकते हैं.

मालदीव की एक अन्य स्थानीय वेबसाइट, ऊरेडो में वायरल वीडियो का एक स्क्रीनशॉट मौजूद है. इसके साथ कैप्शन दिया गया है, “वीडियो का स्क्रीनशॉट जिसमें दिखाया गया है कि 28 जनवरी, 2023 को सरकार समर्थक सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच हुई हिंसा के दौरान कांदिथेमु सांसद अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम घायल हो गए.”

वायरल वीडियो, टेलीग्राफ़ वीडियो और राष्ट्रपति मुइज़ू की तस्वीरों के बीच तुलना भी सोशल मीडिया पर किए गए दावे को ख़ारिज करती है. इस झड़प में मालदीव के राष्ट्रपति नहीं बल्कि सांसद हकीम घायल हुए थे.

निर्णय

मालदीव की संसद में सांसदों के बीच हुई झड़प को फ़र्ज़ी तरीके से राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू पर हमले के रूप में पेश किया गया है. इसलिए हम वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे को गलत मानते हैं.

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