पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए भारत करेगा एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल
नई दिल्ली, 2 जनवरी 2024: भारत पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करेगा। इस तकनीक के तहत पाकिस्तान की तरफ से उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोन को पहले ट्रैक किया जाएगा और फिर उसे मार गिराया जाएगा। भारत सरकार ने इस योजना को अंतिम रूप […]

नई दिल्ली, 2 जनवरी 2024: भारत पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करेगा। इस तकनीक के तहत पाकिस्तान की तरफ से उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोन को पहले ट्रैक किया जाएगा और फिर उसे मार गिराया जाएगा।
भारत सरकार ने इस योजना को अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत भारत सरकार पाकिस्तान से लगने वाली सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाएगी। इन सिस्टम में रेडियो फ्रीक्वेंसी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और लेजर जैसे तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
भारत सरकार का मानना है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और ड्रग्स की तस्करी देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। इस तस्करी को रोकने के लिए भारत सरकार ने यह कदम उठाया है।
भारत में ड्रोन से तस्करी की बढ़ती घटनाएं
पिछले कुछ वर्षों में भारत में ड्रोन से तस्करी की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में हथियारों, ड्रग्स, नकली करंसी और अन्य अवैध सामानों की तस्करी की जा रही है। बीएसएफ ने पिछले साल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में भेजे गए 100 से अधिक ड्रोन को मार गिराया है। इन ड्रोनों में हथियारों, ड्रग्स और नकली करंसी की खेप मिली थी।
एंटी-ड्रोन तकनीक के फायदे
एंटी-ड्रोन तकनीक से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी। इस तकनीक के इस्तेमाल से संदिग्ध ड्रोन को पहले ट्रैक किया जा सकता है और फिर उसे मार गिराया जा सकता है। इस तकनीक से भारत की सुरक्षा मजबूत होगी और देश के अंदर अवैध सामानों की तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी।
Last updated on January 3, 2024. This article represents the author's views.
