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Supreme Court के Electoral Bond फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह का जवाब ” काला धन पर रोक लगाने शुरू किया था Electoral Bond”

सुप्रीम कोर्ट के Electoral बॉन्ड के फ़ैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की चूंकि आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है, यह सभी को माननीय होगा और वो इस फ़ैसले का सम्मान करते है पर electoral bond की नीव राजनीति से काले धन को हटाने हेतु रखी गई थीं।  उन्होने कहा की […]

Supreme Court के Electoral Bond फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह का जवाब ” काला धन पर रोक लगाने शुरू किया था Electoral Bond”

सुप्रीम कोर्ट के Electoral बॉन्ड के फ़ैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की चूंकि आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है, यह सभी को माननीय होगा और वो इस फ़ैसले का सम्मान करते है पर electoral bond की नीव राजनीति से काले धन को हटाने हेतु रखी गई थीं। 

उन्होने कहा की वह किसी भी मंच पर electoral bond के हित में निसंकोच अपने विचार प्रस्तुत करने को तैयार है। 

जानिए पूरा मामला विस्तार से

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा electoral Bond को अवैध करार कर उनकी खरीदी पर रोक लगाते हुए कहा की ये मतदाता के fundamental rights का उल्लघंन है।

मतदाता को पार्टी की funding के बारे में जानने का पुरा अधिकार है, की सराकार के पास पैसा कहा से आता है और कहां कहां इस्तेमाल होता है। CJI ने यह भी कहा की electoral Bond काले धन को रोकने का एकमात्र तरीका नही है, साथ ही तरीका transparent नही है।

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क्या चाहतें हैं अमित शाह

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का अमित शाह नें सम्मान दिखाते हुऐ कहा की उनका यह सुझाव है की electoral bond को पूरी तरह रद्द करने की बजाए उसमे सुधार करने चाहिएं क्योंकि EB का उद्देश्य तो काले धन पर रोक लगाना ही है। 

साथ ही उन्होने one nation, one election का जिक्र कर कहा की agar यह प्रस्ताव लागू होगा तो यह बार-बार होने वाले खर्चों पर न की सिर्फ रोक लगाएगा साथ ही यह गति के साथ विकास होने में कारगार साबित होगा ।

उन्होने यह भी कहा की Code of conduct लागू होने के पश्चात् सरकार के विकास कार्य रुक जाते है और बार-बार चुनाव होने की वजह से काफ़ी खर्चा होता है, इस प्रस्ताव से खर्चों में कटौती होगी ।

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