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जब भक्ति और भोजपुरी के बीच राजनीति घुलती है: Ravish Kumar का ट्वीट एक विश्लेषण

Ravish Kumar, भारत के जाने-माने पत्रकार, ने हाल ही में स्वाति मिश्रा द्वारा गाए गए भजन “राम आए हैं” को लेकर एक ट्वीट किया है। इस भजन को प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट किया था और यह जनवरी 2024 में काफी लोकप्रिय हुआ था। Ravish Kumar ने इस भजन के YouTube पर मिले व्यूज की तुलना […]

जब भक्ति और भोजपुरी के बीच राजनीति घुलती है: Ravish Kumar का ट्वीट एक विश्लेषण

Ravish Kumar, भारत के जाने-माने पत्रकार, ने हाल ही में स्वाति मिश्रा द्वारा गाए गए भजन “राम आए हैं” को लेकर एक ट्वीट किया है। इस भजन को प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट किया था और यह जनवरी 2024 में काफी लोकप्रिय हुआ था।

Ravish Kumar ने इस भजन के YouTube पर मिले व्यूज की तुलना अन्य भजनों और भोजपुरी गानों से की है। उन्होंने पाया कि पवन सिंह और खेसारी लाल जैसे भोजपुरी गायकों के गानों को भी करोड़ों व्यूज मिलते हैं।

Ravish Kumar का कहना है कि यह राजनीतिक समाज को समझने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। भजन और भोजपुरी गायकों का राजनीतिक इस्तेमाल भी हुआ है और कई भोजपुरी गायक सांसद भी हैं।

Ravish Kumar का यह ट्वीट भक्ति, भोजपुरी और राजनीति के बीच संबंधों पर एक महत्वपूर्ण प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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Ravish Kumar के ट्वीट से कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • स्वाति मिश्रा का भजन “राम आए हैं” जनवरी 2024 में काफी लोकप्रिय हुआ था।
  • YouTube पर इस भजन को 147M व्यूज मिले हैं।
  • भोजपुरी गानों को भी करोड़ों व्यूज मिलते हैं।
  • भक्ति और भोजपुरी गायकों का राजनीतिक इस्तेमाल भी हुआ है।
  • Ravish Kumar का यह ट्वीट भक्ति, भोजपुरी और राजनीति के बीच संबंधों पर एक महत्वपूर्ण प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

Disclaimer: मेरा नाम “सुभाष यादव” है. मैं पढ़ाई के साथ ब्लॉगिंग करता हूं। इस लेख मे मैंने “भारत के जाने-माने पत्रकार Ravish Kumar सर की एक X-(ट्वीट) का विश्लेषण किया हूं। मैं अभी ब्लॉकिंग सीख रहा हूं इसलिए इस विश्लेषण में कुछ गलतियां भी हो सकती है।